Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.9.40-41h: मैंने भी यह समाचार सुना है कि भीष्म और द्रोणाचार्य मारे गए, परन्तु मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि यदि भीष्म और द्रोण युद्धभूमि में न्यायपूर्वक लड़ते, तो वज्रधारी इन्द्र भी उन्हें नहीं मार पाते।   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  8.9.40-41h 
अश्रौषमहमेतद् वै भीष्मद्रोणौ निपातितौ।
भीष्मद्रोणौ हि समरे न हन्याद् वज्रभृत् स्वयम्॥ ४०॥
न्यायेन युध्यमानौ हि तद् वै सत्यं ब्रवीमि ते।
 
 
अनुवाद
मैंने भी यह समाचार सुना है कि भीष्म और द्रोणाचार्य मारे गए, परन्तु मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि यदि भीष्म और द्रोण युद्धभूमि में न्यायपूर्वक लड़ते, तो वज्रधारी इन्द्र भी उन्हें नहीं मार पाते।
 
I have also heard the news that Bhishma and Dronacharya were killed, but I tell you the truth that if Bhishma and Drona had fought fairly on the battlefield, then even Indra, the bearer of the thunderbolt, would not have been able to kill them. 40 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)