Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.9.28-29h: संजय! मेरे मंत्री और पुत्र मारे गए हैं। मैं पंख कटे पक्षी के समान हूँ और जुए के कारण बड़ी मुसीबत में फँसा हूँ।   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  8.9.28-29h 
अहं तु निहतामात्यो हतपुत्रश्च संजय॥ २८॥
द्यूतत: कृच्छ्रमापन्नो लूनपक्ष इव द्विज:।
 
 
अनुवाद
संजय! मेरे मंत्री और पुत्र मारे गए हैं। मैं पंख कटे पक्षी के समान हूँ और जुए के कारण बड़ी मुसीबत में फँसा हूँ।
 
Sanjay! My ministers and sons have been killed. I am like a bird with clipped wings and am in great trouble because of gambling. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)