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mahabharat 8.9.19-20h: जिस प्रकार लंगड़े व्यक्ति के लिए सड़क पर चलना कठिन है, गरीब व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होना असंभव है और जिस प्रकार पानी की कुछ बूंदें प्यासे व्यक्ति की प्यास बुझाने में असमर्थ हैं, उसी प्रकार दुर्योधन के इरादे या तो असंभव हैं या सफलता से कोसों दूर हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  8.9.19-20h 
पङ्गोरिवाध्वगमनं दरिद्रस्येव कामितम्॥ १९॥
दुर्योधनस्य चाकूतं तृषितस्येव विप्रुष:।
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार लंगड़े व्यक्ति के लिए सड़क पर चलना कठिन है, गरीब व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होना असंभव है और जिस प्रकार पानी की कुछ बूंदें प्यासे व्यक्ति की प्यास बुझाने में असमर्थ हैं, उसी प्रकार दुर्योधन के इरादे या तो असंभव हैं या सफलता से कोसों दूर हैं।
 
Just as it is difficult for a lame man to walk on the road, it is impossible for a poor man's wishes to be fulfilled and just as a few drops of water are unable to quench the thirst of a thirsty person, similarly, Duryodhan's intentions are either impossible or far from success.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)