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mahabharat 8.9.18-19h: जैसे इन्द्र के वज्र से घायल हुआ पर्वत पृथ्वी पर पड़ा है, उसी प्रकार अपने मित्रों को सुरक्षा देने वाला महान धनुर्धर और वीर कर्ण अर्जुन के द्वारा घायल होकर युद्धभूमि में पड़ा है।   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  8.9.18-19h 
स हि वीरो महेष्वासो मित्राणामभयंकर:॥ १८॥
शेते विनिहतो वीरो देवेन्द्रेण इवाचल:।
 
 
अनुवाद
जैसे इन्द्र के वज्र से घायल हुआ पर्वत पृथ्वी पर पड़ा है, उसी प्रकार अपने मित्रों को सुरक्षा देने वाला महान धनुर्धर और वीर कर्ण अर्जुन के द्वारा घायल होकर युद्धभूमि में पड़ा है।
 
Just as a mountain struck by the thunderbolt of Lord Indra is lying on the earth, similarly that great archer and brave Karna, who gave protection to his friends, is lying on the battlefield after being struck by Arjun. 18 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)