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mahabharat 8.9.17-18h: कर्ण, जो मेरे पुत्रों का बल था, जिसने पाण्डवों को सदैव भयभीत रखा था और जो वीर धनुर्धरों के लिए आदर्श था, वह अर्जुन के द्वारा मारा गया। 17 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  8.9.17-18h 
यो बलं धार्तराष्ट्राणां पाण्डवानां यतो भयम्॥ १७॥
सोऽर्जुनेन हत: कर्ण: प्रतिमानं धनुष्मताम्।
 
 
अनुवाद
कर्ण, जो मेरे पुत्रों का बल था, जिसने पाण्डवों को सदैव भयभीत रखा था और जो वीर धनुर्धरों के लिए आदर्श था, वह अर्जुन के द्वारा मारा गया। 17 1/2
 
Karna, who was the strength of my sons, who always kept the Pandavas in fear and who was a role model for brave archers, was killed by Arjun. 17 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)