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mahabharat 8.9.15-16h: जिस प्रकार वज्र से छेदने पर पर्वत शिखर ढह जाता है, उसी प्रकार बाणों से घायल होने पर अधिरथपुत्र कर्ण अपने रथ से नीचे गिर पड़ा होगा।   |   mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  8.9.15-16h 
रथादाधिरथिर्नूनं न्यपतत् सायकार्दित:॥ १५॥
पर्वतस्येव शिखरं वज्रपाताद् विदारितम्।
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार वज्र से छेदने पर पर्वत शिखर ढह जाता है, उसी प्रकार बाणों से घायल होने पर अधिरथपुत्र कर्ण अपने रथ से नीचे गिर पड़ा होगा।
 
Just as a mountain peak crumbles down when pierced by a thunderbolt, so Karna, the son of Adhiratha, must have fallen down from his chariot when struck by arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)