Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.9.13-14h: युद्ध में सूतपुत्र कर्ण की मृत्यु के बाद, मुझे अपनी ओर से कोई भी ऐसा योद्धा नहीं दिखाई देता जो जीवित बच सके। संजय! मेरे पुत्रों को पार लगाने के लिए कर्ण ही एकमात्र महान सहारा था। | mahabharat अध्याय 8.9: धृतराष्ट्रका संजयसे विलाप करते हुए कर्णवधका विस्तारपूर्वक वृत्तान्त पूछना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नावशेषं प्रपश्यामि सूतपुत्रे हते युधि॥ १३॥
स हि पारो महानासीत् पुत्राणां मम संजय।
अनुवाद
युद्ध में सूतपुत्र कर्ण की मृत्यु के बाद, मुझे अपनी ओर से कोई भी ऐसा योद्धा नहीं दिखाई देता जो जीवित बच सके। संजय! मेरे पुत्रों को पार लगाने के लिए कर्ण ही एकमात्र महान सहारा था।
After the death of Sutaputra Karna in the war, I do not see any warrior on my side who can survive. Sanjaya! Karna was the only great support to take my sons across. 13 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥