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mahabharat 8.89.74-75h: इसी समय पाण्डुपुत्र अर्जुन के धनुष की डोरी बहुत अधिक खिंच जाने के कारण बड़े जोर से टूट गई। उस समय सारथी पुत्र कर्ण ने पाण्डुपुत्र अर्जुन पर सौ बाण छोड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  8.89.74-75h 
ततो धनुर्ज्या सहसातिकृष्टा
सुघोषमच्छिद्यत पाण्डवस्य॥ ७४॥
तस्मिन् क्षणे पाण्डवं सूतपुत्र:
समाचिनोत् क्षुद्रकाणां शतेन।
 
 
अनुवाद
इसी समय पाण्डुपुत्र अर्जुन के धनुष की डोरी बहुत अधिक खिंच जाने के कारण बड़े जोर से टूट गई। उस समय सारथी पुत्र कर्ण ने पाण्डुपुत्र अर्जुन पर सौ बाण छोड़े।
 
At this time, the bow string of Arjuna, son of Pandu, broke with a loud noise due to being pulled too much. At that time, Karna, son of a charioteer, shot a hundred arrows at Arjuna, son of Pandu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)