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mahabharat 8.89.68-69h: इस प्रकार प्रेरित होकर कर्ण ने अपनी पूरी शक्ति लगाकर बार-बार अनेक बाण छोड़े। रक्त और धूल से सने वे भेदक बाण पाण्डवों और पांचालों का विनाश करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 68-69h
 
 
श्लोक  8.89.68-69h 
स चोदित: सर्वयत्नेन कर्णो
मुमोच बाणान् सुबहूनभीक्ष्णम्॥ ६८॥
ते पाण्डुपञ्चालगणान् निजघ्नु-
र्मर्मच्छिद: शोणितपांसुदिग्धा:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार प्रेरित होकर कर्ण ने अपनी पूरी शक्ति लगाकर बार-बार अनेक बाण छोड़े। रक्त और धूल से सने वे भेदक बाण पाण्डवों और पांचालों का विनाश करने लगे।
 
Thus, inspired, Karna used all his might to shoot many arrows again and again. Those penetrating arrows, smeared with blood and dust, began to destroy the Pandavas and the Panchalas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)