Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.89.63-64h: एक बाण से कर्ण की ध्वजा को भेदकर अर्जुन ने चार बाणों से शल्य को और तीन बाणों से कर्ण को घायल कर दिया। तत्पश्चात, दस बाणों से उन्होंने स्वर्ण कवचधारी राजकुमार सभापति को मार डाला। | mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स केतुमेकेन शरेण विद्ध्वा
शल्यं चतुर्भिस्त्रिभिरेव कर्णम्॥ ६३॥
तत: स मुक्तैर्दशभिर्जघान
सभापतिं काञ्चनवर्मनद्धम्।
अनुवाद
एक बाण से कर्ण की ध्वजा को भेदकर अर्जुन ने चार बाणों से शल्य को और तीन बाणों से कर्ण को घायल कर दिया। तत्पश्चात, दस बाणों से उन्होंने स्वर्ण कवचधारी राजकुमार सभापति को मार डाला।
Piercing Karna's flag with one arrow, Arjun injured Shalya with four arrows and Karna with three. After that he shot ten arrows and killed Sabhapati, a prince who was wearing a golden armour.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥