Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.89.50: ‘प्रभु! जगत के कल्याण के लिए तथा सारथिपुत्र के वध के लिए मैं अब एक महान एवं भयंकर अस्त्र प्रकट कर रहा हूँ। इसके लिए आप, ब्रह्माजी, शंकरजी, समस्त देवता और ब्रह्म के सभी ज्ञाता मुझे अनुमति दें।’॥50॥ | mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘प्रभु! जगत के कल्याण के लिए तथा सारथिपुत्र के वध के लिए मैं अब एक महान एवं भयंकर अस्त्र प्रकट कर रहा हूँ। इसके लिए आप, ब्रह्माजी, शंकरजी, समस्त देवता और ब्रह्म के सभी ज्ञाता मुझे अनुमति दें।’॥50॥
‘Prabhu! For the welfare of the world and for the killing of the son of a charioteer, I am now manifesting a great and dreadful weapon. For this, you, Brahmaji, Shankarji, all the gods and all the knowers of Brahma should give me permission.'॥ 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥