Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.89.42-43: तत्पश्चात् कर्ण द्वारा अर्जुन के रथ के बाणों को नष्ट होते देख वसुदेवपुत्र भगवान श्रीकृष्ण ने उससे कहा, 'किरीटधारी अर्जुन! यह क्या है? अब तक तुमने जितने भी आक्रमण किए हैं, उनमें कर्ण ने अपने ही अस्त्रों से तुम्हारे अस्त्रों को नष्ट कर दिया है। वीर! आज तुम्हें कैसी माया आ गई है? तुम सावधान क्यों नहीं हो रहे? देखो, तुम्हारे शत्रु कौरव बड़े हर्ष से गर्जना कर रहे हैं!॥ 42-43॥ | mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् कर्ण द्वारा अर्जुन के रथ के बाणों को नष्ट होते देख वसुदेवपुत्र भगवान श्रीकृष्ण ने उससे कहा, 'किरीटधारी अर्जुन! यह क्या है? अब तक तुमने जितने भी आक्रमण किए हैं, उनमें कर्ण ने अपने ही अस्त्रों से तुम्हारे अस्त्रों को नष्ट कर दिया है। वीर! आज तुम्हें कैसी माया आ गई है? तुम सावधान क्यों नहीं हो रहे? देखो, तुम्हारे शत्रु कौरव बड़े हर्ष से गर्जना कर रहे हैं!॥ 42-43॥
Thereafter, seeing Arjuna's chariot arrows being destroyed by Karna, Lord Krishna, the son of Vasudeva, said to him, 'Crown-wearing Arjuna! What is this? In all the attacks you have made so far, Karna has destroyed your weapons with his own. Brave one! What kind of delusion has come over you today? Why are you not being careful? Look, your enemies, the Kauravas, are roaring in great joy!॥ 42-43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥