Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.89.30: राजन! युद्धस्थल में कर्ण के बाणों की वर्षा से पीड़ित पांचाल और सोमक योद्धा क्रोध में भरकर एकत्रित हुए और अपने तीखे बाणों से सारथिपुत्र कर्ण को घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.89.30 
तत्पञ्चाला: सोमकाश्चापि राजन्
कर्णेनाजौ पीडॺमाना: शरौघै:।
क्रोधाविष्टा विव्यधुस्तं समन्तात्
तीक्ष्णैर्बाणै: सूतपुत्रं समेता:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
राजन! युद्धस्थल में कर्ण के बाणों की वर्षा से पीड़ित पांचाल और सोमक योद्धा क्रोध में भरकर एकत्रित हुए और अपने तीखे बाणों से सारथिपुत्र कर्ण को घायल करने लगे।
 
King! In the battlefield, the Panchala and Somaka warriors, suffering from the shower of arrows of Karna, gathered together in anger and began to pierce the son of a charioteer, Karna, with their sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)