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mahabharat 8.89.24: उस गाण्डीव धनुष से क्षुरप्र, अंजलिक, अर्धचण्ड, नालिक, नाराच और वराहकर्ण आदि हजारों तीक्ष्ण अस्त्र निकलने लगे। वे सब अस्त्र वज्र के समान वेगवान थे॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.89.24 
तत: क्षुरप्राञ्जलिकार्धचन्द्रा
नालीकनाराचवराहकर्णा:।
गाण्डीवत: प्रादुरासन् सुतीक्ष्णा:
सहस्रशो वज्रसमानवेगा:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
उस गाण्डीव धनुष से क्षुरप्र, अंजलिक, अर्धचण्ड, नालिक, नाराच और वराहकर्ण आदि हजारों तीक्ष्ण अस्त्र निकलने लगे। वे सब अस्त्र वज्र के समान वेगवान थे॥ 24॥
 
From that Gandiva bow, thousands of sharp weapons like Kshurapra, Anjalik, Ardhchand, Naalik, Narach and Varahkarna started coming out. All those weapons were as fast as thunderbolts.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)