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mahabharat 8.89.1: संजय कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात् आपकी कुमति के फलस्वरूप जब शंख और गर्जना की घोर ध्वनि होने लगी, तब श्वेत घोड़ों पर सवार दोनों श्रेष्ठ पुरुष वैकर्तन कर्ण और अर्जुन युद्ध के लिए एक दूसरे की ओर बढ़े ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.89.1 
संजय उवाच
तौ शङ्खभेरीनिनदे समृद्धे
समीयतु: श्वेतहयौ नराग्रॺौ।
वैकर्तन: सूतपुत्रोऽर्जुनश्च
दुर्मन्त्रिते तव पुत्रस्य राजन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात् आपकी कुमति के फलस्वरूप जब शंख और गर्जना की घोर ध्वनि होने लगी, तब श्वेत घोड़ों पर सवार दोनों श्रेष्ठ पुरुष वैकर्तन कर्ण और अर्जुन युद्ध के लिए एक दूसरे की ओर बढ़े ॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! Thereafter, as a result of your evil advice, when there began to be a loud sound of conch shells and blares, the two best men on white horses, Vaikartan Karna and Arjun, advanced towards each other for battle. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)