Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.88.7-8h: तदनन्तर जैसे पूर्व और पश्चिम की वायुएँ एक-दूसरे को दबा देती हैं, उसी प्रकार वे दोनों वीर अपने-अपने अस्त्रों से एक-दूसरे के अस्त्रों को नष्ट करके घोर अन्धकार में उदय हुए सूर्य और चन्द्रमा के समान चमकने लगे। | mahabharat अध्याय 8.88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर जैसे पूर्व और पश्चिम की वायुएँ एक-दूसरे को दबा देती हैं, उसी प्रकार वे दोनों वीर अपने-अपने अस्त्रों से एक-दूसरे के अस्त्रों को नष्ट करके घोर अन्धकार में उदय हुए सूर्य और चन्द्रमा के समान चमकने लगे।
Thereafter, just as the winds of the east and west suppress each other, in the same way both those heroes, having destroyed each other's weapons with their own weapons, began to shine brightly like the sun and the moon rising in the dense darkness. 7 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥