Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.88.13-14h: जैसे सिंह के द्वारा घायल होकर जंगली पशु सब ओर भाग जाते हैं, उसी प्रकार उन श्रेष्ठ पुरुषों के बाणों से पीड़ित होकर कौरव और पाण्डव सैनिक अपने हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिकों सहित सब ओर भाग गए॥13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो विसस्रु: पुनरर्दिता नरा
नरोत्तमाभ्यां कुरुपाण्डवाश्रया:॥ १३॥
सनागपत्त्यश्वरथा दिशो दश
तथा यथा सिंहहता वनौकस:।
अनुवाद
जैसे सिंह के द्वारा घायल होकर जंगली पशु सब ओर भाग जाते हैं, उसी प्रकार उन श्रेष्ठ पुरुषों के बाणों से पीड़ित होकर कौरव और पाण्डव सैनिक अपने हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिकों सहित सब ओर भाग गए॥13 1/2॥
Just as wild animals wounded by a lion flee in all directions, so the Kaurava and Pandava soldiers, afflicted by the arrows of those best of men, along with their elephants, horses, chariots and infantry, fled in all directions.॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥