Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.87.97: कर्ण के ध्वज पर लगी हाथी की जंजीर मृत्यु के फंदे जैसी लग रही थी। उस लोहे की हाथी की जंजीर पर छोटी-छोटी घंटियाँ लगी थीं। वह बहुत क्रोधित हुआ और उस वानर पर टूट पड़ा। | mahabharat अध्याय 8.87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण के ध्वज पर लगी हाथी की जंजीर मृत्यु के फंदे जैसी लग रही थी। उस लोहे की हाथी की जंजीर पर छोटी-छोटी घंटियाँ लगी थीं। वह बहुत क्रोधित हुआ और उस वानर पर टूट पड़ा।
The elephant chain on Karna's flag looked like a noose of death. That iron elephant chain was decorated with small bells. He became very angry and attacked that monkey.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥