Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.87.93: कर्ण की ध्वजा पर हाथी की जंजीर का चिह्न अंकित था। वह जंजीर रत्नजड़ित, मजबूत और विषैले सर्प के आकार की थी। वह आकाश में इंद्रधनुष की तरह सुंदर दिख रही थी। | mahabharat अध्याय 8.87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण की ध्वजा पर हाथी की जंजीर का चिह्न अंकित था। वह जंजीर रत्नजड़ित, मजबूत और विषैले सर्प के आकार की थी। वह आकाश में इंद्रधनुष की तरह सुंदर दिख रही थी।
The banner of Karna's flag had the symbol of an elephant's chain. That chain was studded with gems, was strong and shaped like a poisonous snake. It looked beautiful like a rainbow in the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥