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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  8.87.89 
रथौ तयो: श्वेतहयौ दिव्यौ युक्तौ महात्मनो:।
यौ तौ कर्णार्जुनौ राजन् प्रहृष्टावभ्यतिष्ठताम्॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! जिन रथों पर कर्ण और अर्जुन हर्ष से विभोर होकर बैठे थे, वे श्वेत घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे थे, दिव्य थे और सभी आवश्यक सामग्रियों से सुसज्जित थे।
 
O King! The chariots on which Karna and Arjuna were seated, filled with joy, were drawn by white horses and were divine and were fully equipped with all the necessary materials.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)