श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  8.87.63 
रथयूथपयो: पक्षौ कुरुपाण्डववीरयो:।
दृष्ट्वा प्रजापतिं देवा: स्वयम्भुवमचोदयन्॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
रथयुथपति कर्ण और अर्जुन कौरव और पांडव समूह के प्रमुख नायक थे। उसके विषय में दो पक्ष देखकर देवताओं ने प्रजापति स्वयंभू ब्रह्माजी से पूछा-॥ 63॥
 
Rathyuthapati Karna and Arjun were the main heroes of the Kaurava and Pandava groups. Seeing two sides about him, the gods asked Prajapati Swayambhu Brahmaji - ॥ 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)