Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.87.61: महाहृदयी कर्ण और अर्जुन को युद्ध के लिए एकत्र देखकर देवता, ऋषि और भाट आदि तीनों लोकों के प्राणी काँपने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  8.87.61 
समेतौ तौ महात्मानौ दृष्ट्वा कर्णधनंजयौ।
अकम्पन्त त्रयो लोका: सहदेवर्षिचारणा:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
महाहृदयी कर्ण और अर्जुन को युद्ध के लिए एकत्र देखकर देवता, ऋषि और भाट आदि तीनों लोकों के प्राणी काँपने लगे।
 
On seeing the great-hearted Karna and Arjuna assembled for the battle, the creatures of the three worlds, including the gods, sages and bards, began to tremble. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)