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mahabharat 8.87.57-58h: उन दोनों महारथियों कर्ण और अर्जुन को एक साथ देखकर इन्द्र ने कहा, "अर्जुन कर्ण पर विजय प्राप्त करें।" 57 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 57-58h
 
 
श्लोक  8.87.57-58h 
समेतौ तौ महात्मानौ दृष्ट्वा कर्णधनंजयौ॥ ५७॥
अर्जुनो जयतां कर्णमिति शक्रोऽब्रवीत्तदा।
 
 
अनुवाद
उन दोनों महारथियों कर्ण और अर्जुन को एक साथ देखकर इन्द्र ने कहा, "अर्जुन कर्ण पर विजय प्राप्त करें।" 57 1/2
 
Seeing those two great warriors Karna and Arjuna together, Indra said, "May Arjuna conquer Karna." 57 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)