श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  8.87.36 
ततोऽन्तरिक्षे साक्षेपा विवादा भरतर्षभ।
मिथो भेदाश्च भूतानामासन् कर्णार्जुनान्तरे॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात् अंतरिक्ष में स्थित समस्त भूतगणों में कर्ण और अर्जुन की जय-पराजय के विषय में परस्पर विवाद और मतभेद उत्पन्न हो गए ॥36॥
 
Bharatshrestha! Thereafter, among all the ghosts situated in the space, disputes and disagreements arose among each other regarding the victory and defeat of Karna and Arjun. 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)