Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.87.25: दोनों के ही पराक्रम प्रसिद्ध थे। युद्ध में साहस और बल की दृष्टि से शम्बरासुर और देवराज इन्द्र दोनों ही समान थे।   |   mahabharat अध्याय 8.87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  8.87.25 
उभौ विश्रुतकर्माणौ पौरुषेण बलेन च।
उभौ च सदृशौ युद्धे शम्बरामरराजयो:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
दोनों के ही पराक्रम प्रसिद्ध थे। युद्ध में साहस और बल की दृष्टि से शम्बरासुर और देवराज इन्द्र दोनों ही समान थे।
 
The deeds of both were famous. In terms of courage and strength in battle, both Shambarasura and Devraj were equal to Indra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)