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mahabharat 8.86.3-4h: धनंजय! जिससे तुम्हें युद्ध करना है, वह कर्ण आ गया है। अब तुम स्थिर रहो। पाण्डवपुत्र! श्वेत घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे कर्ण के इस सुसज्जित रथ को देखो, जिस पर वह स्वयं विराजमान है।   |   mahabharat अध्याय 8.86: कर्णके साथ युद्ध करनेके विषयमें श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनका कर्णके सामने उपस्थित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.86.3-4h 
येन ते सह योद्धव्यं स्थिरो भव धनंजय।
पश्य चैनं समायुक्तं रथं कर्णस्य पाण्डव॥ ३॥
श्वेतवाजिसमायुक्तं युक्तं राधासुतेन च।
 
 
अनुवाद
धनंजय! जिससे तुम्हें युद्ध करना है, वह कर्ण आ गया है। अब तुम स्थिर रहो। पाण्डवपुत्र! श्वेत घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे कर्ण के इस सुसज्जित रथ को देखो, जिस पर वह स्वयं विराजमान है।
 
Dhananjaya! Karna, the one with whom you have to fight, has arrived. Now stand still. Son of Pandava! Look at this decorated chariot of Karna drawn by white horses, on which he himself is seated. 3 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)