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श्लोक 8.86.19  |
अद्य कर्णं हतं पश्य मच्छरै: शकलीकृतम्।
मां वा द्रक्ष्यसि गोविन्द कर्णेन निहतं शरै:॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| गोविन्द! आज तुम मेरे बाणों से कर्ण को छिन्न-भिन्न होते देखोगे अथवा कर्ण के बाणों से मुझे मारा हुआ देखोगे॥19॥ |
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| Govind! Today you will see Karna being pierced into pieces by my arrows. Or you will see me killed by Karna's arrows.॥ 19॥ |
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