Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.85.6: कुलिन्दराज के पुत्र ने दस बड़े-बड़े लोहे के बाणों से कृपाचार्य, उनके सारथि और घोड़ों को अत्यन्त पीड़ा पहुँचाई। तत्पश्चात् वह शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य के बाणों से घायल होकर हाथी सहित भूमि पर गिर पड़ा। | mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुलिन्दराज के पुत्र ने दस बड़े-बड़े लोहे के बाणों से कृपाचार्य, उनके सारथि और घोड़ों को अत्यन्त पीड़ा पहुँचाई। तत्पश्चात् वह शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य के बाणों से घायल होकर हाथी सहित भूमि पर गिर पड़ा।
The son of Kulindaraja, with ten huge arrows made of iron, inflicted great pain on Kripacharya, his charioteer and horses. Thereafter, he was struck by the arrows of Sharadwan's son Kripacharya and fell to the ground along with the elephant.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥