Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.85.5: हिमाचल प्रदेश के वे मदमस्त हाथी खूब सजे हुए थे। उनकी पीठ पर सुनहरे जालों के झूले पड़े थे और युद्ध के लिए उत्सुक कुलिंद वंश के कुशल योद्धा उन पर बैठे हुए थे। उस समय युद्धभूमि में वे हाथी आकाश में बिजली चमकाते हुए बादलों के समान प्रतीत हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हिमाचल प्रदेश के वे मदमस्त हाथी खूब सजे हुए थे। उनकी पीठ पर सुनहरे जालों के झूले पड़े थे और युद्ध के लिए उत्सुक कुलिंद वंश के कुशल योद्धा उन पर बैठे हुए थे। उस समय युद्धभूमि में वे हाथी आकाश में बिजली चमकाते हुए बादलों के समान प्रतीत हो रहे थे।
Those intoxicated elephants of Himachal Pradesh were well decorated. There were swings made of golden nets on their backs and the skilled warriors of the Kulinda clan, eager for war, were sitting on them. At that time, those elephants on the battlefield looked like clouds with lightning in the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥