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mahabharat 8.85.34-35h: कर्ण! तुम ही इस कलह का मूल कारण हो। दुर्योधन का साथ पाकर तुम्हारा अभिमान बहुत बढ़ गया है। आज मैं युद्धभूमि में तुम्हारा वध करूँगा और भीमसेन उस दुष्ट दुर्योधन का वध करेंगे, जिसके अन्याय के कारण यह महान संहार हुआ है।'   |   mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.85.34-35h 
तमद्य मूलं कलहस्य संख्ये
दुर्योधनापाश्रयजातदर्पम्।
त्वामद्य हन्तास्मि रणे प्रसह्य
अस्यैव हन्ता युधि भीमसेन:॥ ३४॥
दुर्योधनस्याधमपूरुषस्य
यस्यानयादेष महान् क्षयोऽभवत्।
 
 
अनुवाद
कर्ण! तुम ही इस कलह का मूल कारण हो। दुर्योधन का साथ पाकर तुम्हारा अभिमान बहुत बढ़ गया है। आज मैं युद्धभूमि में तुम्हारा वध करूँगा और भीमसेन उस दुष्ट दुर्योधन का वध करेंगे, जिसके अन्याय के कारण यह महान संहार हुआ है।'
 
Karna! You are the root cause of this conflict. Your pride has increased a lot due to Duryodhan's support. Today I will kill you in the battlefield and Bhimsena will kill that wicked Duryodhan, due to whose injustice this great massacre has happened.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)