Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.85.29-30h: तत्पश्चात्, किरीटधारी महात्मा अर्जुन ने युद्धभूमि में कर्णपुत्र को मार डालने का दृढ़ निश्चय करके क्रोधपूर्वक अपने माथे की भौंहें तीन स्थानों से टेढ़ी कर लीं और युद्धभूमि के मुहाने पर शीघ्रतापूर्वक बाण चलाने लगे। | mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, किरीटधारी महात्मा अर्जुन ने युद्धभूमि में कर्णपुत्र को मार डालने का दृढ़ निश्चय करके क्रोधपूर्वक अपने माथे की भौंहें तीन स्थानों से टेढ़ी कर लीं और युद्धभूमि के मुहाने पर शीघ्रतापूर्वक बाण चलाने लगे।
Thereafter, the crown-wearing Mahatma Arjun, having firmly resolved to kill Karna's son on the battlefield, angrily crooked his forehead's eyebrows at three places and quickly began shooting arrows at the mouth of the battle field.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥