Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.85.24-25h: तत्पश्चात् शत्रुवीरों का संहार करने वाले प्रधान किरीटधारी योद्धा अर्जुन ने समस्त सेनाओं में वृषसेन द्वारा माद्रीकुमार नकुल के घोड़ों को मारा हुआ तथा भगवान श्रीकृष्ण को अत्यन्त घायल हुआ देखकर युद्धस्थल में वृषसेन पर आक्रमण किया। वृषसेन उस समय कर्ण के सामने खड़ा था। 24 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् शत्रुवीरों का संहार करने वाले प्रधान किरीटधारी योद्धा अर्जुन ने समस्त सेनाओं में वृषसेन द्वारा माद्रीकुमार नकुल के घोड़ों को मारा हुआ तथा भगवान श्रीकृष्ण को अत्यन्त घायल हुआ देखकर युद्धस्थल में वृषसेन पर आक्रमण किया। वृषसेन उस समय कर्ण के सामने खड़ा था। 24 1/2॥
Thereafter, the crowned warrior Arjuna, the chief slayer of the enemy warriors, seeing among all the armies the horses of Madri Kumar Nakul killed by Vrishasena and Lord Shri Krishna greatly injured, attacked Vrishasena in the battlefield. Vrishasena was standing in front of Karna at that time. 24 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥