Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.85.21: तदनन्तर राजा कलिंग के पुत्र ने हँसते हुए अपने अनेक तीखे बाणों से नकुल के पुत्र शतानीक को घायल कर दिया। इससे नकुलकुमार को बड़ा क्रोध आया और उन्होंने फरसे से कलिंगराज का कमल के समान मस्तक काट डाला। 21॥ | mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर राजा कलिंग के पुत्र ने हँसते हुए अपने अनेक तीखे बाणों से नकुल के पुत्र शतानीक को घायल कर दिया। इससे नकुलकुमार को बड़ा क्रोध आया और उन्होंने फरसे से कलिंगराज का कमल के समान मस्तक काट डाला। 21॥
Then, smilingly, the son of King Kalinga, with his many sharp arrows, mutilated Nakula's son Shatanika. This made Nakulkumar very angry and he cut off the lotus-like head of the Kalinga prince with an ax. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥