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mahabharat 8.85.20: यह देखकर शतानीक ने आपकी सेना पर आक्रमण कर दिया। जैसे गरुड़ के पंखों की हवा से घायल होकर सर्प भूमि पर गिर पड़ते हैं, उसी प्रकार शतानीक द्वारा मारे गए आपके विशाल हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिक असहाय होकर भूमि पर गिर पड़े और चूर-चूर हो गए।   |   mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.85.20 
तत: शतानीकहता महागजा
हया रथा: पत्तिगणाश्च तावका:।
सुपर्णवातप्रहता यथोरगा-
स्तथागता गां विवशा विचूर्णिता:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर शतानीक ने आपकी सेना पर आक्रमण कर दिया। जैसे गरुड़ के पंखों की हवा से घायल होकर सर्प भूमि पर गिर पड़ते हैं, उसी प्रकार शतानीक द्वारा मारे गए आपके विशाल हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिक असहाय होकर भूमि पर गिर पड़े और चूर-चूर हो गए।
 
Seeing this, Satanika attacked your army. Just as snakes struck by the wind of Garuda's wings fall to the ground, similarly your huge elephants, horses, chariots and infantry killed by Satanika were helpless and fell to the ground and were crushed to pieces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)