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mahabharat 8.85.13: कुलिन्दराज के छोटे भाई ने अपने श्रेष्ठ बाणों से आपके पुत्र की छाती में घाव कर दिया, फिर आपके पुत्र ने अपने तीखे बाणों से उसके शरीर और हाथी को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.85.13 
कुलिन्दराजावरजादनन्तर:
स्तनान्तरे पत्रिवरैरताडयत्।
तवात्मजं तस्य तवात्मज: शरै:
शितै: शरीरं व्यहनद् द्विपं च तम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
कुलिन्दराज के छोटे भाई ने अपने श्रेष्ठ बाणों से आपके पुत्र की छाती में घाव कर दिया, फिर आपके पुत्र ने अपने तीखे बाणों से उसके शरीर और हाथी को घायल कर दिया।
 
The younger brother of Kulindaraja wounded your son in the chest with his best arrows. Then your son wounded his body and the elephant with his sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)