Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.85.12: इसके बाद अश्वत्थामा ने तीन अन्य विशाल हाथियों को भी उनके समस्त अस्त्र-शस्त्रों, योद्धाओं और ध्वजों सहित मार डाला। उसके द्वारा मारे गए वे विशाल हाथी वज्र से घायल हुए विशाल पर्वतों के समान पृथ्वी पर गिर पड़े।॥12॥   |   mahabharat अध्याय 8.85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 85: कौरववीरोंद्वारा कुलिन्दराजके पुत्रों और हाथियोंका संहार तथा अर्जुनद्वारा वृषसेनका वध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  8.85.12 
अथापरे द्रौणिहता महाद्विपा-
स्त्रय: ससर्वायुधयोधकेतना:।
निपेतुरुर्व्यां व्यसवो निपातिता-
स्तथा यथा वज्रहता महाचला:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद अश्वत्थामा ने तीन अन्य विशाल हाथियों को भी उनके समस्त अस्त्र-शस्त्रों, योद्धाओं और ध्वजों सहित मार डाला। उसके द्वारा मारे गए वे विशाल हाथी वज्र से घायल हुए विशाल पर्वतों के समान पृथ्वी पर गिर पड़े।॥12॥
 
After this Ashvatthama killed three other huge elephants along with all their weapons, warriors and flags. The huge elephants killed by him fell lifeless on the earth like huge mountains struck by thunderbolts.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)