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mahabharat 8.84.9-10: राधानंदन! आप दुःखी न हों, यह बात आपको शोभा नहीं देती। ये राजा भीमसेन के भय से भाग रहे हैं। राजा दुर्योधन भी अपने भाइयों की मृत्यु से व्याकुल है।॥9-10॥   |   mahabharat अध्याय 8.84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध  »  श्लोक 9-10
 
 
श्लोक  8.84.9-10 
मा व्यथां कुरु राधेय नैवं त्वय्युपपद्यते॥ ९॥
एते द्रवन्ति राजानो भीमसेनभयार्दिता:।
दुर्योधनश्च सम्मूढो भ्रातृव्यसनकर्शित:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राधानंदन! आप दुःखी न हों, यह बात आपको शोभा नहीं देती। ये राजा भीमसेन के भय से भाग रहे हैं। राजा दुर्योधन भी अपने भाइयों की मृत्यु से व्याकुल है।॥9-10॥
 
‘Radhaanandan! Do not be sad, this does not suit you. These kings are running away in fear of Bhimasena. King Duryodhan is also bewildered by the death of his brothers.॥ 9-10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)