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mahabharat 8.84.7-8h: महाराज! जिस प्रकार यमराज की शक्ति प्रजा पर काम करती है, उसी प्रकार भीमसेन का पराक्रम देखकर कर्ण के हृदय में बड़ा भय उत्पन्न हो गया।   |   mahabharat अध्याय 8.84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.84.7-8h 
तत: कर्णो महाराज प्रविवेश महद् भयम्॥ ७॥
दृष्ट्वा भीमस्य विक्रान्तमन्तकस्य प्रजास्विव।
 
 
अनुवाद
महाराज! जिस प्रकार यमराज की शक्ति प्रजा पर काम करती है, उसी प्रकार भीमसेन का पराक्रम देखकर कर्ण के हृदय में बड़ा भय उत्पन्न हो गया।
 
Maharaj! Just as the power of Yamaraja works on the subjects, in the same way, seeing Bhimasena's valour, Karna's heart was filled with great fear. 7 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)