Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.84.37: इससे महारथी वृषसेन अत्यन्त क्रोधित हो गये और उन्होंने एक ही रथ पर एकत्र हुए दोनों महारथी पाण्डुपुत्रों पर बाणों की वर्षा करके उन्हें बाणों से बींध डाला। | mahabharat अध्याय 8.84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे महारथी वृषसेन अत्यन्त क्रोधित हो गये और उन्होंने एक ही रथ पर एकत्र हुए दोनों महारथी पाण्डुपुत्रों पर बाणों की वर्षा करके उन्हें बाणों से बींध डाला।
This made the great warrior Vrishasena very angry. He began to shower arrows on the two mighty warriors, the sons of Pandu, who were gathered in one chariot, piercing them with arrows. 37.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥