Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.84.28-29h: उस महाभय के अवसर पर, अपने भाई भीम के द्वारा सुरक्षित, महाबुद्धिमान नकुल ने अपना पराक्रम प्रदर्शित किया। अकेले ही अनेक पैदलों, घोड़ों, हाथियों और रथियों को मारकर तथा उनके साथ खेलते हुए, वीर नकुल को क्रोध में भरे हुए कर्णपुत्र ने अठारह बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 8.84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस महाभय के अवसर पर, अपने भाई भीम के द्वारा सुरक्षित, महाबुद्धिमान नकुल ने अपना पराक्रम प्रदर्शित किया। अकेले ही अनेक पैदलों, घोड़ों, हाथियों और रथियों को मारकर तथा उनके साथ खेलते हुए, वीर नकुल को क्रोध में भरे हुए कर्णपुत्र ने अठारह बाणों से घायल कर दिया।
On that occasion of great fear, protected by his brother Bhima, the great-minded Nakula displayed his valour. Single-handedly killing and playing with many footmen, horses, elephants and chariots, the valiant Nakula was wounded by Karna's son, filled with rage, with eighteen arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥