Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.84.24: तत्पश्चात् नकुल उस अश्वरहित रथ से उतरकर शुद्ध अर्द्धचन्द्राकार चिन्हों वाली स्वर्णमयी ढाल और आकाश के समान स्वच्छ तलवार लेकर उसे घुमाते हुए पक्षी के समान विचरण करने लगे॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 8.84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् नकुल उस अश्वरहित रथ से उतरकर शुद्ध अर्द्धचन्द्राकार चिन्हों वाली स्वर्णमयी ढाल और आकाश के समान स्वच्छ तलवार लेकर उसे घुमाते हुए पक्षी के समान विचरण करने लगे॥ 24॥
Thereafter, alighting from the horseless chariot, Nakula, taking a golden shield with pure crescent shaped markings and a sword as clear as the sky, began to move about like a bird, swinging it.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥