Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.84.20: तत्पश्चात् वीर नकुल ने अपने छुरे से कर्णपुत्र की ध्वजा को काट डाला, जो स्फटिकजड़ित अद्वितीय कंचुक (चोल) से सुशोभित थी। साथ ही, भाले से उसके स्वर्णजटित अद्वितीय धनुष को भी तोड़ डाला। | mahabharat अध्याय 8.84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् वीर नकुल ने अपने छुरे से कर्णपुत्र की ध्वजा को काट डाला, जो स्फटिकजड़ित अद्वितीय कंचुक (चोल) से सुशोभित थी। साथ ही, भाले से उसके स्वर्णजटित अद्वितीय धनुष को भी तोड़ डाला।
Thereafter, with a razor, the brave Nakula cut off the flag of Karna's son, who was adorned with a unique Kanchuka (Chola) studded with crystals. Also, with a spear, he broke his unique bow studded with gold.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥