श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 84: धृतराष्ट्रके दस पुत्रोंका वध, कर्णका भय और शल्यका समझाना तथा नकुल और वृषसेनका युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.84.15 
भारो हि धार्तराष्ट्रेण त्वयि सर्व: समाहित:।
तमुद्वह महाबाहो यथाशक्ति यथाबलम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन ने सारा भार आप पर डाल दिया है। आप अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार उस भार को उठाएँ॥ 15॥
 
‘Mahabaho! Dhritarashtra's son Duryodhana has placed the entire burden on you. You must carry that burden according to your strength and power.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)