श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  8.83.43-44h 
ये तदास्मान् प्रनृत्यन्ति पुनर्गौरिति गौरिति॥ ४३॥
तान् वयं प्रतिनृत्याम: पुनर्गौरिति गौरिति।
 
 
अनुवाद
जो लोग उस दिन कौरव सभा में हमें 'बैल, बैल' कहकर हर्ष से नाच रहे थे, आज हम भी उन्हें बार-बार 'बैल, बैल' कहकर हर्ष से नाच रहे हैं॥ 43 1/2॥
 
Those who on that day in the Kaurava assembly danced in joy calling us 'Bull, Bull', today we too are dancing in joy calling them 'Bull, Bull' again and again.॥ 43 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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