श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  8.83.42-43h 
एष ते रुधिरं कण्ठात् पिबामि पुरुषाधम॥ ४२॥
ब्रूहीदानीं तु संहृष्ट: पुनर्गौरिति गौरिति।
 
 
अनुवाद
अरे दुष्ट दु:शासन! देख, मैं तेरे कंठ से रक्त पी रहा हूँ। अब तो तू आनन्द से भर जा और मुझे 'बैल-बैल' कह। 42 1/2
 
You wretched Dushasan! Look, I am drinking the blood from your throat. Now at least be filled with joy and call me 'Bull-Bull'. 42 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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