श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.83.1 
संजय उवाच
तत्राकरोद् दुष्करं राजपुत्रो
दु:शासनस्तुमुलं युद्‍ध्यमान:।
चिच्छेद भीमस्य धनु: शरेण
षष्टॺा शरै: सारथिमप्यविध्यत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! वहाँ भयंकर युद्ध करते हुए राजकुमार दु:शासन ने अद्भुत पराक्रम दिखाया। उसने एक ही बाण से भीमसेन का धनुष काट डाला और साठ बाणों से उनके सारथि को घायल कर दिया।
 
Sanjaya says - O King! While fighting a fierce battle there, Prince Dushasan displayed tremendous valour. He cut off Bhimasena's bow with a single arrow and wounded his charioteer with sixty arrows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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