श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध  »  श्लोक d4
 
 
श्लोक  8.82.d4 
संजय उवाच
स एवमुक्तस्तु ततो महात्मा
दु:शासनो वाक्यमुवाच वीर:।
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- हे राजन! भीमसेन के ऐसा कहने पर महाहृदयी वीर दु:शासन ने भी ऐसा ही कहा।
 
Sanjaya says- O King! When Bhimsena said this, the great-hearted brave Dushasan said this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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