Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.82.6: उधर जब कर्ण ने सात्यकि के घोड़ों को मार डाला, तब कर्णपुत्र प्रसेन ने सात्यकि को तीखे बाणों से आच्छादित कर दिया। इसके बाद सात्यकि के बाणों से आहत होकर वह मानो नाचता हुआ पृथ्वी पर गिर पड़ा। | mahabharat अध्याय 8.82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उधर जब कर्ण ने सात्यकि के घोड़ों को मार डाला, तब कर्णपुत्र प्रसेन ने सात्यकि को तीखे बाणों से आच्छादित कर दिया। इसके बाद सात्यकि के बाणों से आहत होकर वह मानो नाचता हुआ पृथ्वी पर गिर पड़ा।
On the other hand, when Karna killed Satyaki's horses, Karna's son Prasena covered Satyaki with sharp arrows. After this, being hit by Satyaki's arrows, he fell on the earth as if dancing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥