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mahabharat 8.82.29: अनेक प्रकार के रथी, हाथी, घुड़सवार, घोड़े और पैदल सैनिक, अनेक प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर एक-दूसरे से टकराने लगे, लड़खड़ाने लगे, पीड़ा से चिल्लाने लगे और प्राणहीन होकर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  8.82.29 
रथा द्विपा वाजिपदातयस्तथा
भवन्ति नानाविधशस्त्रवेष्टिता:।
परस्परेणाभिहताश्च चस्खलु-
र्विनेदुरार्ता व्यसवोऽपतंस्तथा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अनेक प्रकार के रथी, हाथी, घुड़सवार, घोड़े और पैदल सैनिक, अनेक प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर एक-दूसरे से टकराने लगे, लड़खड़ाने लगे, पीड़ा से चिल्लाने लगे और प्राणहीन होकर गिर पड़े।
 
Many charioteers, elephants with riders, horses and foot soldiers, covered with various kinds of weapons, collided with each other, began to stumble, cried out in pain and fell down lifeless.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)