| श्री महाभारत » पर्व 8: कर्ण पर्व » अध्याय 82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध » श्लोक 18 |
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| | | | श्लोक 8.82.18  | तेषां धनूंषि ध्वजवाजिसूतां-
स्तूर्णं पताकाश्च निकृत्य बाणै:।
तान् पञ्चभिस्त्वभ्यहनत् पृषत्कै:
कर्णस्तत: सिंह इवोन्ननाद॥ १८॥ | | | | | | अनुवाद | | कर्ण ने तुरन्त ही अपने बाणों से उनके धनुष, ध्वज, घोड़े, सारथि और ध्वजाएँ काट डालीं और पाँच बाणों से उन पाँचों योद्धाओं को घायल कर दिया। तत्पश्चात् वह सिंह के समान गर्जना करने लगा॥18॥ | | | | Karna instantly cut off their bows, flags, horses, charioteers and banners with his arrows and wounded those five warriors with five arrows. Thereafter he started roaring like a lion.॥ 18॥ | | ✨ ai-generated | | |
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